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पल पल यूँगुजर रही है जिन्दगी

पल पल यूँ गुजर रही है जिन्दगी, 
हर एक के हाथों से फिसल रही है जिन्दगी ।
हंस सको तो हंस कर जिये जाओ, 
हर बीते लम्हे से मुस्कराकर बिछड़ रही है जिन्दगी ।।

वक्त साथ नहीं चलता चाह कर भी अपने,
याद पुरानी भूलाकर, नयी खुशी पकड़ रही है जिन्दगी ।
हालातों से ही सजती-संवरती है,
हालात देखकर हम पर बिगड़ रही है जिन्दगी ।।

कल की रवानी अलग थी   सुकून था लोगों में,
आज तेजी है    राही को आगे-पीछे रगड़ रही है जिन्दगी ।
सब ही लगे है एक दूसरे को पछाड़ने में,
इस भागदौड़ में पिछड़ रही है जिन्दगी।।

कहाँ जाये मेरा रास्ता औऱ कहाँ मंजिल मेरी ? 
अंधे बाज की तरह उड़ रही है जिन्दगी।
जग चाही हसरतों की बारात लिए,
रोज मुसिबतों की घोड़ी चढ़ रही है जिन्दगी ।।

ऐश होगी    सोच कर बचपन का सौदा किया ,
जवानी में मुश्किल पड़ रही है जिन्दगी।
हमने दिल में जन्में नन्हें ख्वाब की तरह पाला इसे, 
वक्त आने पर हम से ही लड़ रही है जिन्दगी।।

         Suren B

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