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Suren B
मैंने अब तक सोशल मीडिया में माँ की तस्वीर डाल कर Happy Mother’s Day नहीं कहा है तो क्या आज शाम को मम्मी मुझे रोज़ की तरह पास बिठा कर खाना नहीं खिलायेगी ?
दुनिया कह रही है की आज माताओं के सम्मान का विशेष दिन है , उनके त्याग व समर्पण को याद करने का विशेष दिन है ... बहुत अच्छी बात है ।
होना ही चाहिए , जब फादर्स डे हो सकता है ,
जब डाक्टर्स डे हो सकता है , किस डे, चॉकलेट डे , हग डे हो सकता है तो फिर मदर्स डे मनाने में कुछ भी ग़लत नहीं है ।
किन्तु सोचिए Pear Pressure में आकर दूसरों की देखादेखी माँ की तस्वीर अपलोड कर हैप्पी मदर्स डे लिख देने भर से आप माँ के समर्पण व त्याग का बदला चुका पा रहे है ?
नहीं ! आप सिर्फ़ खाना पूर्ति कर रहे है ।
यह परम्परा विदेशों में शुरू हुई क्योंकि घर से दूर रहने वाले बेटे - बेटियाँ जब वर्ष भर अपनी माँ से मुलाक़ात नहीं करने जाते है तो कालानुसार उनकी संस्कृति में एक दिन तय कर दिया गया कि May महीने के दूसरे रविवार बच्चे अपनी माँओं से मिलकर उनके प्रति अपना सम्मान ज़ाहिर करेंगे ।
अब जो बच्चे बारह ही महीनें माता - पिता के साथ रहते है , दिन में 5-7 बार अपनी मम्मी से जुबान लड़ाया करते है , माँ की आज्ञा को टाल देते है , जाने - अनजाने उसे दुखी करते है उन्हें कोई हक़ नहीं बनता है कि वे एक दिन तस्वीर लगाकर ख़ुद को अच्छी औलाद साबित करने का प्रयत्न करें ।
जो लोग वाक़ई में माँ से प्रेम करते है वे लोग एक दिन के बनिस्बत समय समय पर माता - पिता के प्रति अपने भावों को व्यक्त करते रहते है ऐसा आपने भी अनुभव किया होगा ।
इसलिए दोस्तों मेरा निवेदन है की अगर आपकी भावनाओं में सच्चाई है तो स्वंय को एक दिन विशेष के लिए सीमित मत रखिए ... करना ही है तो प्रेम कीजिए ... ढोंग मत कीजिए ।
: Suren B
Comments
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Very Nice sir
ReplyDeleteसही कहा आपने कविराज जी... मैं भी आज fb ऑन किया तो हर जगह happy mothers day की पोस्ट देखी... ये मात्र दिखावा है....
ReplyDeleteऎसे ही फादर डे, वाटर डे... न जाने कितने दिन मानकर उन अमूल्य रिश्तों ओर संसाधनों को केवल एक ही दिन में प्यार जता देने की कोशिश करते हैं जबकि ये तो हर किसी के जीवन में अंतिम साँस तक याद रहने वाली भावनाये हैं....
Waaah
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