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ट्रक ड्राइवर पिता के संघर्ष की कहानी

आपकी पृष्ठभूमि क्या रही है ? और आज आप क्या हो ? इससे भविष्य में मिलने वाली सफलताएँ कदापि बाधित नहीं हो सकती बशर्तें आपका निश्चय अंगद के पाँव की तरह अटल हो । 
एक आम ड्राइवर के यह दोनों होनहार बेटे अगर कल को देश के सबसे क़ाबिल डॉक्टर व इंजीनियर बनकर उभर जायें तो आश्चर्यचकित मत हो जायेगा । 

महेन्द्र व श्याम सुन्दर को NEET एंव JEE - ADVANCE में सफल होने की हार्दिक बधाई तथा उनके ट्रक ड्राइवर पिता मगनाराम बिश्नोई के जज़्बे को सलाम । 

एक पिता जो पिछले एक साल से अपने लाड़लों से नहीं मिल पाया क्योंकि उसके बेटे पढ़ाई के लिए कोटा में रह रहे और वह स्वयं उनकी पढ़ाई व अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए दिन रात ट्रक चलाकर कुछ पैसे जुटाने में लीन रहा है किन्तु आज उस मेहनतकश पिता की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं है उसका सबसे बड़ा सपना अब उसके नौनिहालों ने पुरा कर दिखाया है । उसके दोनों बेटे अब क्रमश: मेडिकल व इंजीनियरिंग की आयोजित किये जाने वाले सबसे बड़े इम्तिहानों में सफलता प्राप्त कर चुके है । 
जोधपुर की फलोदी तहसील के दुरस्थ रेगिस्तान में स्थित गाँव कानासर के इन भाईयों ने इतिहास कर पुरे अंचल को प्रेरित किया है ... इनके ट्रक ड्राइवर पिता को जितना सलाम किया जाए उतना कम है । 

इससे हम सभी को सबक़ लेना चाहिए कि श्रेष्ठ संघर्ष ही श्रेष्ठ परिणाम दिलाता है .. संघर्ष करते रहिए सफलता अवश्य आपके क़दम चूमेगी । 

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